Online Business Money Management Setup Kaise Kare : ऑनलाइन बिजनेस मे पेमेंट गेटवे का सेटअप कैसे करे?

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अगर आप ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे है। तो हम आपको ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने के बारे मे पहले ही जानकारी दे चुके है।अगर आप ऑनलाइन बिजनेस शुरू करने और मार्केटिंग करने के बारे में जानकारी चाहते है तो लेख को पढ़ें। ऑनलाइन बिजनेस में मनी मैनेजमेंट की अहम भूमिका है।

जिसके बारे में हम आपको इस लेख मे जानकारी देने वाले है इसलिए इस लेख को पूरा पढे। इस लेख मे हम आपको बताने वाले है कि ऑनलाइन बिजनेस मनी मैनेजमेंट क्या है । ऑनलाइन बिजनेस में पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल कैसे करे।

बिजनेस ऑनलाइन तो पेमंट भी ऑनलाइन जरूरी

ऑनलाइन बिजनेस मे पेमेंट लेने के लिए आपको केश ऑन डिलीवरी से लेकर ऑनलाइन पेमेंट के सभी ऑप्शन की सुविधा प्रदान करनी होती है। जैसे कि यूपीआई , डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड , पेटीएम , गूगल पे, फोनपे इत्यादि। बड़ी बड़ी ऑनलाइन पेमेंट लेने के लिए इन ऑप्शन का इस्तेमाल करती है।

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इन यूपीआई पेमेंट प्लेटफ़ॉर्म पर अकाउंट ओपन होने के बाद कयुआर कोड मिलता है । जिसकी मदद से आप ऑनलाइन पेमेंट ले सकते है। अगर आप वेबसाइट के जरिए पेमेंट लेना चाहते है तो आप आप वेबसाइट पर डेबिट कार्ड , क्रेडिट कार्ड , इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई (पेटीएम, भीम ऐप, फोन पे) इत्यादि को जोड़कर पेमेंट ले सकते है।

पेमेंट गेटवे ऐसे बनवाएं

वेबसाइट पर पेमेंट गेटवे लगाने के लिए बहुत सी कंपनिया है। जिनकी मदद से आप अपने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर पेमेंट गेटवे लगा सकते है।

  • Paytm (paytm.com)
  • Razorpay (razorpay.com)
  • BillDesk (billdesk.com)
  • PayPal (paypal.com)
  • CCAvenue (ccavenue.com)

खर्च कितना आता है 

वेबसाइट मे पेमेंट गेटवे सेटअप करने के लिए बहुत सी कंपनियां फ्री सुविधा देती है। लेकिन गेटवे सेटअप होने के बाद उसके माध्यम से जो भी पेमेंट होता है । कंपनी उस पर दो फीसदी चार्ज करती है। इसके अलावा आपको किसी भी प्रकार का चार्ज जैसे कि सालाना चार्ज या मेंटेनेंस चार्ज नहीं चुकाना होता है।

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ये डॉक्यूमेंट्स जरूरी

वेबसाइट पर पेमेंट गेटवे सेटअप करना बिल्कुल फ्री है। ये प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती है। लेकिन वेबसाइट पर पेमेंट गेटवे सेटअप करवाने के लिए आपको कुछ दस्तावेजों की जरूरत होती है।

जैसे कि कैंसिल चेक की स्कैन कॉपी, PAN और एड्रेस प्रूफ (आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड आदि) आप जिस भी कंपनी की पेमेंट गेटवे सर्विस लेना चाहते है आपको उस कंपनी को इन दस्तावेजों की स्कैन कॉपी जमा करनी होगी।

अकाउंट खुलने में कितने दिन लगते हैं

दस्तावेज जमा करने के बाद कंपनी आपकी सभी डीटेल को वेरीफाई करेगी। इसके अलावा बिजनेस करने वाले की वेबसाइट और बिजनेस से जुड़ी हुई दूसरी जानकारी की भी मांग कर सकती है।

जिसे आपको कंपनी को देना होगा। कंपनी ये जानकारी आपसे इसलिए मांगती है। कि पेमेंट गेटवे का इस्तेमाल गलत कार्यों को करने के लिए नहीं जा रहा है। सभी जानकारी वेरीफाई होने के बाद पेमंट गेटवे की सुविधा शुरू होने मे एक दिन से लेकर सात दिन का समय लगता है। इसे भी जरूर पढे : सरकार के साथ मिलकर सौर ऊर्जा या सोलर पेनल का बिजनेस शुरू करे।

पेमेंट के लिए सीक्रेट कोड मिलता है

पेमेंट गेटवे की सुविधा मिलने के बाद आपको कंपनी की और से एक सीक्रेट कोड मिलता है। इस कोड को वेबसाइट मे पेमेंट गेटवे सेटअप करने के दौरान आपको जोड़ना होता है।

अगर आपने वेबसाइट की वेब डेवलपर से बनवाई है तो आपको उस कोड को डेवलपर को देना होगा । कोड लगाने के बाद आपकी वेबसाइट पर पेमंट गेटवे सुविधा हो जाती है। अब कोई भी कस्टमर आपकी वेबसाइट से प्रोडक्ट खरीदने के बाद उसकी ऑनलाइन पेमेंट कर सकता है। इसे भी जरूर पढे : पेपर कप ग्लास , प्लेट का बिजनेस कैसे शुरू करे।

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पेमेंट को सिक्योर रखें

  • डिजिटल पेमेंट के दौरान हैकिंग की समस्या भी रहती है। जिस पर आपको नजर रखनी होती है। वैसे तो पेमेंट गेटवे की सुविधा प्रदान करने वाली कंपनिया हैकिंग से बचने के लिए एथिकल हेकर हायर करती है ताकि उनके कस्टमर को हैकिंग से जुड़ी हुई किसी प्रकार की समस्या न हो।
  • अगर आप अपने स्टोर पे क्यूआर कोड के जरिए पेमेंट ले रहे है तो ध्यान रखे कि अपना क्यू आर कोड स्टोर के अंदर ही रखे।
  • QR कोड के माध्यम से धोखाधड़ी के मामले सामने आते रहते है। बहुत से दुकनदार ऐसे होते है। जो अपने पेमेंट लेने के QR कोड को अपनी दुकान या स्टोर के बाहर लगा दे देते है। जिसके कारण फ्रॉड करने वाले लोग रात बे रात को आकर उस क्यू आर कोड की जगह अपना क्यू आर कोड चिपका देते है ।
  • दुकानदार जब भी पेमेंट लेता है । तो वो पेमेंट दुकनदार के अकाउंट मे न जाकर फ्रॉड करने वालों के अकाउंट मे चली जाती है। इसलिए ऐसी धोखाधड़ी से बचने के लिए क्यू आर कोड को शॉप के अंदर ही लगाए।
  • क्यू आर कोड से पेमेंट होने के बाद एक बार आप अपने अकाउंट में भी पेमेंट चेक कर ले। कि कस्टमर ने जो पेमेंट भेजा है। वो आपके अकाउंट में आया भी है कि नहीं। इंटरनेट पर पेमेंट करने के ऐसे बहुत फ्रॉड ऐप है जिनसे आप कितना भी पेमेंट करके दिखा सकते हो चाहे आपके अकाउंट में पैसे हो या नहीं। इसे भी जरूर पढे : 10 से 20 हजार मे शुरू करे बटन बनाने का बिजनेस, मार्केट मे बटन की डिमांड भरपूर।

ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत कैसे करें

  • हेल्पलाइन नंबर : 155260 ( इस हेल्पलाइन पर आप 24 X 7 कभी भी कल कर सकते है। कुछ राज्यों में ये सुविधा सुबह दस से शाम छह बजे तक मिलती है। )
  • वेबसाइट: cybercrime.gov.in
  • ट्विटर हैंडल: @Cyberdost

डिलीवरी का सिस्टम कैसे बनाए 

अगर आप खुद का ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म बनाकर ई कॉमर्स का बिजनेस शुरू कर रहे है, तो आपको प्रोडक्ट डिलीवरी पर भी ध्यान देना होगा। प्रोडक्ट ऑर्डर करने के बाद अगर कस्टमर को उसका प्रोडक्ट डिलीवरी डेट पर नहीं मिलता है या प्रोडक्ट डिलीवर होने के बाद टूट जाता है,। या फिर सही प्रोडक्ट कस्टमर के पास नहीं पहुचता है। इसे भी जरूर पढे : अमूल के साथ जुड़कर शुरू करे दूध का बिजनेस और कमाए लाखों रुपये महीना

तो कोई भी कस्टमर दोबारा आपकी वेबसाइट से प्रोडक्ट नहीं खरीदेगा। बल्कि वेबसाइट पर जाकर खराब रिव्यू भी देगा जिससे दूसरे कस्टमर भी आपकी वेबसाइट से प्रोडक्ट खरीदते हुए डरेंगे । इसलिए प्रोडक्ट डिलीवर करने के लिए अच्छी लॉजिस्टिक कंपनियों का चुनाव करे। जो कस्टमर तक सही प्रोडक्ट पहुचा सके।

देश की टॉप लॉजिस्टिक कंपनियां

  • BlueDart (bluedart.com)
  • Delhivery (delhivery.com)
  • WareIQ (wareiq.com)
  • XpressBees (xpressbees.com)
  • Ekart (ekartlogistics.com)
  • India Post (indiapost.gov.in)

लॉजिस्टिक कंपनी चुनते समय किन बातों का ध्यान रखें

ऑनलाइन बिजनेस में कस्टमर तक प्रोडक्ट सही तरीके से डिलीवरी बेहद जरूरी है। प्रोडक्ट डिलीवर करने के लिए कौन सी लॉजिस्टिक कंपनी सही रहेगी । उसका चुनाव करने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। जिससे आप कंपनी के बारे में पता लगा सकते है। कभी भी दूसरों पर भरोसा करके या आँख बंद करके किसी कंपनी पर भरोसा न करें। बल्कि इसकी जांच करें। इसे भी जरूर पढे : खिलौने बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करके कैसे कमाई करे

शिपिंग कॉस्ट:

लॉजिस्टिक कंपनिया प्रोडक्ट के साइज और वजन के हिसाब से प्रोडक्ट की कोस्ट निर्धारित करती है। इसलिए प्रोडक्ट डिलीवर करने से पहले ही डिलीवरी चार्ज के बारे में जरूर पता कर ले। यह भी मालूम करें कि केश ऑन डिलीवरी के लिए अलग से कुछ चार्ज तो नहीं है।

अगर कंपनी फास्ट डिलीवरी के लिए एक्स्ट्रा चार्ज लेती है तो इसकी जानकारी भी अपने पास रखे। इसके अलावा ये जान ले कि कही कंपनी ने कुछ हिडन चार्ज तो नहीं लगा रखे जिनके बारे में प्रोडक्ट डिलीवरी करते समय ही आपको पता चले। इसे भी जरूर पढे : टी शर्ट प्रिन्ट करके कमाए महीने के 40 से 50 हजार रुपये महीना

कंपनी वेयरहाउस के लिए  कुछ चार्ज तो नहीं चुकाना इसके बारे मे भी मालूम कर ले।

कितने शहरों में पहुंच

आप जिस लॉजिसटिक कंपनी के माध्यम से जुड़कर अपने प्रोडक्ट डिलीवर करना चाहते है। उसके बारे मे यह भी जान ले कि ये कंपनी देश के कितने राज्यों शहरों मे अपनी सुविधाये प्रदान करती है। अगर किसी कंपनी की सर्विस चुनिंदा शहरो मे ही है तो ऐसे कंपनी की सर्विस लेने से बचे। जिस कंपनी की पहुच ज्यादा से ज्यादा शहरों मे हो उसी कंपनी के साथ जुड़े ताकि आपको बार बार कंपनी न बदलनी पड़े। इसे भी जरूर पढे : पार-ले जैसी बिस्किट कंपनी कैसे बनाए

ट्रैकिंग की सुविधा देना 

अगर कोई कंपनी ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करती है तो उसी कंपनी की सर्विस ले। जिससे कस्टमर अपने प्रोडक्ट की रियल टाइम लोकेशन चेक कर सकते है। यानि कि कस्टमर अपने प्रोडक्ट को ट्रेक करके पता लगा सके कि उसका प्रोडक्ट कहा तक पहुचा है। प्रोडक्ट डिलीवरी होने की भी जानकारी मिलनी चाहिए।

रिटर्न डिलीवरी के बारे में भी जानें

कि बार कस्टमर को प्रोडक्ट पसंद नहीं आता है। या रास्ते में आते आते प्रोडक्ट खराब हो जाता है। जिसके कारण वो प्रोडक्ट को रिटर्न करके दूसरा प्रोडक्ट ऑर्डर करता है। इसलिए अगर कोई कस्टमर प्रोडक्ट रिटर्न करता है, तो ये प्रोसेस आसान होना चाहिए जिससे कस्टमर को परेशानी न हो। लॉजिस्टिक कंपनी से सर्विस लेने से पहले रिटर्न डिलीवरी के बारे में जरूर पता कर ले। इसे भी जरूर पढे : अब घर पर ही मोबाइल टेम्पर्ड ग्लास बनाकर, करे लाखों रुपये महीना की कमाई

हमेशा ऐसी कंपनी का चुनाव करे जो प्रोडक्ट रिटर्न की भी अच्छी सुविधा प्रदान करती हो। बहुत सी कंपनियां ऐसी होती है। जो प्रोडक्ट रिटर्न करने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज लेती है। जिसके कारण ये चार्ज मर्चेंट को ही चुकाना होता है। इसलिए लॉजिस्टिक कंपनी से सर्विस लेने से पहले रिटर्न चार्ज के बारे मे जरूर जान ले।

थर्ड पार्टी पोर्टल से भी डिलीवरी की बात करें

अगर आप Flipkart, Amazon, स्नैपडील जैसे ई कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के जरिए अपने प्रोडक्ट सेल करना चाहते है तो ये कंपनिया प्रोडक्ट डिलीवर करने का काम खुद ही हेंडल करती है। लेकिन कुछ जगह ऐसी होती है।

जहा पर ये सुरक्षा का हवाला देते हुए डिलीवरी की सुविधा प्रदान नहीं करती है। इसलिए ऐसी जगहों पर डिलीवर करवाने के लिए आपको या तो किसी दूसरी लॉजिस्टिक कंपनियों की सर्विस लेनी होगी।

जिनके बारे मे हम आपको ऊपर बता चुके है। या फिर आपको अपने प्रोडक्ट को सेल करने के लिए इन ई कॉमर्स कंपनियों के वेयर हाउस मे अपने प्रोडक्ट रखने होंगे। लेकिन वेयर हाउस मे प्रोडक्ट रखने के लिए कंपनिया एक्स्ट्रा चार्ज लेती है। इसे भी जरूर पढे : कम खर्च मे शुरू होने वाले 100 से अधिक बिजनेस आइडियाज इसे भी जरूर पढे : बेरोजगारो के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

ये चार्ज 20 रुपये से 30 रुपये प्रति क्यूबिक फुट हर महीने का हो सकता है। शुरुआत मे कंपनिया दो से तीन महीने तक ये सर्विस फ्री प्रदान करती है उसके बाद आपको चार्ज देना होता है।

प्रोडक्ट वेयर हाउस में रखने का चार्ज

अगर आप अमेजॉन या फ्लिपकार्ट के वेयर हाउस में अपना प्रोडक्ट रखकर सेल करना चाहते है तो अमेजॉन आपसे बीस से 25 रुपये प्रति क्यूबिक फुट प्रति माह चार्ज करेगा। प्रोडक्ट का साइज निकालने का फार्मूला यह है कि

प्रोडक्ट की लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई को सेंटीमीटर में नापकर तीनों की आपस में गुणा कर दीजिए।

इसके बाद जो नंबर मिलता है, उसे 28,316.84 से डिवाइड कर दीजिए। अब जो भी नंबर आएगा, वह क्यूबिक फुट में आएगा। इसे भी जरूर पढे : एफिलिएट मार्केटिंग क्या है । एफिलिएट मार्केटिंग बिजनेस कैसे शुरू करें।

उदाहरण से समझें

मान लें, आप अमेजॉन पर गिफ्ट सेल कर रहे है । गिफ्ट के बॉक्स की लंबाई 34 सेमी, चौड़ाई 21 सेमी और ऊंचाई 12 सेमी है।

अब इसका आकार आएगा-
(34X21X12)/28316.84= 0.30 (लगभग) क्यूबिक फुट 20 रुपये प्रति क्यूबिक फुट के हिसाब से 0.30 क्यूबिक फुट के करीब 6 रुपये होंगे

यानि कि अगर आप अपने गिफ्ट ऐमजॉन के वेयर हाउस में रखकर कर सेल करना चाहते है तो आपको एक महीने में करीब छह रुपये देने होंगे चाहे आपका प्रोडक्ट सेल हो या ना हो।

ऊपर हमने एक गिफ्ट बॉक्स के हिसाब से चार्ज बताए है आप जितने भी गिफ्ट बॉक्स वेयर हाउस में रखेंगे आपको उतना ही चार्ज देना होगा। घर बैठे फ्रीलनसिंग बिजनेस कैसे शुरू करे।

पैकिंग का झंझट खत्म

वेयरहाउस मे प्रोडक्ट जमा करने के बाद प्रॉडक्ट की डिलिवरी से लेकर पेमंट तक की जिम्मेदारी सभी ई कॉमर्स कंपनियों की होती है। आपके कितने प्रोडक्ट सेल हो रहे है। आप ये जानकारी भी रख सकते है। वेयर हाउस के माध्यम से प्रोडक्ट सेल करने के लिए आपको पैकिंग का खर्च भी नहीं देना होता है। ये वेयरहाउस की फीस मे ही जुड़ा होता है।

इसे भी जरूर पढे : कम खर्च मे शुरू होने वाले 100 से अधिक बिजनेस आइडियाज इसे भी जरूर पढे : बेरोजगारो के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

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