Biomedical Engineer Kaise Bane : बायोमेडिकल इंजीनियर कैसे बने ?

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मेडिकल क्षेत्र में भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है। इन डिजिटल मशीनरी की सहायता से मरीजों के इलाज से लेकर जाँच करना काफी आसान होता है। जिसके कारण डॉक्टर्स किसी भी बीमारी का इलाज सही तरीके से कर पाते है बल्कि उनके समय की भी बचत होती है। परन्तु इन उपकरणों का इस्तेमाल करने से पहले इनकी सही तरीके से जाँच करना भी एक कठिन कार्य होता है। ह्यूमन बॉडी के किर्या कलापो और इन उपकरणों का प्रभाव समझना कोई आसान कार्य नहीं है।

ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इंजीनियरिंग की एक अलग शाखा है। जिसे हम बायोमेडिकल इंजीनियरिंग भी कहते है।

आज हम आपको इस लेख में बायो इंजीनियरिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वाले है कि बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या है Biomedical Engineering Course Kya Hai बायोमेडिकल इंजीनियर कैसे बने ? Biomedical Engineer Kaise Bane बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स कैसे करे ? Biomedical Engineering course kaise kare बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में करियर कैसे बनाये ? Biomedical Engineering Me Career Kaise Banaye आप इस क्षेत्र में किस प्रकार अपना करियर बना सकते है।

अगर आप बायो मेडिकल इंजीनियरिंग के बारे में नहीं जानते है, तो आज इस लेख को पूरा पढ़ने के बाद आप जान जाओगे की बायो इंजीनियरिंग में करियर कैसे बनाये

बायोमेडिकल इंजीनियर कैसे बने Biomedical Engineer Kaise Bane

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग (Biomedical Engineering) को अगर हम आसान भाषा में कहे तो बायो इंजीनियरिंग , इंजीनियरिंग की एक ऐसी शाखा है जिसमे मेडिकल ऐप्लिकेशंस , विभिन्न इलाजो या डायग्नोस्टिक टेक्नोलॉजी के विकास और रिसर्च के लिए इंजीनियरिंग सिद्धांतों की मदद ली जाती है।

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के मुख्य उद्देश्य मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और जीवन की जटिलताओं को समझना होता है ताकि जांच और चिकित्सा को बेहतर बनाया जा सके।

बायोमेडिकल इंजीनियर (Biomedical Engineer) का मुख्य कार्य मेडिकल संबंधी उपकरणों की देखभाल करना होता है, ताकि मरीजों के इलाज के समय उपकरणों में किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो।

बायो इंजीनियर का कार्य

बायोमेडिकल इंजीनियरिंग (बीएमई) एक ऐसा क्षेत्र है। जो अपने अंदर कई दूसरे क्षेत्रों को जोड़े हुए है। जैसे कि मेटैलिक, केमिकल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और कम्प्यूटर इत्यादि की जानकारी । इसके अलावा बीमारियों का पता लगाने व उनके उपचार के लिए बायो इंस्ट्रमेंटल व वायरलेस तकनीक का सहारा लिया जाता है।

इसमें प्रमुख प्रक्रियाओं जैसे आंखों के ऑपरेशन के दौरान कम्प्यूटर का इस्तेमाल, अल्ट्रासाउंड, मैग्नेटिक रेजोनेंस, एक्स रे, कृत्रिम अंगों का निर्माण, शारीरिक क्रियाओं को काबू में करने के लिए प्रयुक्त उपकरण और इंसुलिन इंजेक्शन का उपयोग करने वाले लोगों के लिए स्वचालित उपकरण भी तैयार किए जाते हैं

योग्यता Qualification

अगर आप भी बायो मेडिकल के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहे है, तो आपको सबसे पहले अपनी बारहवीं की परीक्षा साइंस स्ट्रीम यानि कि फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी जैसे विषयों के साथ करनी होगी। उस बाद आप इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए ग्रेजुएशन से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी तक के कोर्स कर सकते है।

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बायोमेडिकल इंजीनियरिंग संबंधी कुछ प्रमुख कोर्स

  • बीई इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग
  • बीटेक इन बायोइंजीनियरिंग
  • बीटेक इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • बीटेक इन बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन
  • एमई इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन बायोइंजीनियरिंग
  • एमटेक इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
  • एमटेक इन बायो मेडिकल टेक्नोलॉजी
  • एमटेक इन बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग

बायोमेडिकल में स्पेसलिजेशन के विषय /बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के प्रकार

बायोमैकेनिक्स

बायोमेडिकल Biomedical से जुड़े इस विषय में स्पेशलिस्ट बनने के लिए आपको शरीर की गतिविधियों को समझना पड़ता है। इसके लिए उन्हें उन प्रोडक्ट्स को डिजाइन और विकसित भी करना पड़ता है। जो शरीर के अंदर की गतिविधियों को जानने में आपकी मदद करते है। आर्टिफिशियल हार्ट वॉल्व एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट जैसे बायोमेडिकल प्रोडक्ट्स इसके सबसे बड़े उदाहरण है।

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आर्थोपेडिक बायो इंजीनियरिंग

बायोमेडिकल से जुड़े इस विषय में आपको मुख्य रूप से हड्डियों, मांसपेशियों, जोड़ो, और लिगामेंट से संबंधित उत्पादों को डिजाइन और विकसित किया जाता है। जो शरीर को गति देने में हमारी सहायता करते है।

रिहेबिलिटेशन इंजिनीरिंग

बायोमेडिकल से जुड़े इस विषय में आप कृत्रिम अंगो को आसानी से डिजाइन और विकसित कर सकते है। इन कृत्रिम अंगो का इस्तेमाल शरीर के टूटे या कटे हुए अंगो को दोबरा काम में लाने के लिए किया जाता है।

सेलुलर टिश्यू एवम जेनेटिक इंजीनियरिंग

बायोमेडिकल से जुड़े इस विषय में आपको स्वास्थ्य संबंधी बड़ी समस्याओ का समाधान करने के लिए सूक्ष्म स्तर पर कार्य करना पड़ता है। ऐसे में मरीज की प्रगति को समझने के लिए सेलुलर गतिविधयों पर ध्यान केंद्रित करना और बीमारी के घातक होने से पहले उसे हटाने या रोकने के लिए नए तरीके विकसित करना इत्यादि इस विषय में शामिल है।

बायोमैटेरियल्स

बायोमेडिकल से जुड़े इस इस विषय में आपको मानव शरीर के भीतर उपयोग किये जाने वाले मेटिरियल को डिजाइन करने के साथ ही उन्हें विकसित करते है।

बायो इंस्ट्रूमेंटेशन

बायोमेडिकल से जुड़े इस विषय में मनुष्य से जुडी बीमारियों के निदान और उसके उपचार में सहायता करने वाले उपकरणों के डिजाइन एवं निर्माण से संबंधित प्रकिर्या का गहन अध्ययन किया जाता है।

क्लीनिकल इंजीनियरिंग Clinical Engineering

बायोमेडिकल से जुड़े इस विषय या क्षेत्र में आपको फिजिशियन, नर्स, एवं अन्य मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर चिकित्सा में उपयोग किये जाने वाले तकनीक के कार्यन्वयन और संचालन का काम करते है।

मेडिकल इमेजिंग Medical Imaging

मेडिकल इमेजिंग का क्षेत्र उन उपकरणों को डिजाइन करने और विकसित करने से संबंधित है। जो मानव शरीर के अंदर की जांच करने में सहायता करता है।

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बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में रोजगार की संभावनाएं

आज के समय में बायोमेडिकल इंजीनियरों के लिए रोजगार की भरपूर संभावनाएं है। लेकिन देश में अभी बायोमेडिकल इंजीनियरों की काफी कमी है।

अगर आप बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना करियर बनाते हो तो, आप अस्पतालों, नर्सिंग होम्स, रिसर्च लैब्स, दवा बनाने वाली कंपनियों व हेल्थ केयर कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर सकते है।

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बायोमेडिकल इंजीनियर्स के लिए विदेशों में भी काफी डिमांड बढ़ी है। आप इन कार्यक्षेत्र के अलावा बायोमेडिकल इंजीनियर प्रोडक्ट टेस्टिंग, डिजाइनिंग, चिकित्सकीय उपकरणों के उपयोग, उनकी देखरेख व रिसर्च संबंधी कार्य तथा कॉरपोरेट हाउसेज के लिए आप तकनीकी एडवाइजर का काम भी कर सकते है।

देश के प्रमुख संस्थान

  • ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस नई दिल्ली
  • डॉ बीआर आंबेडकर सेंटर ऑफ़ बायोमेडिकल रिसर्च दिल्ली
  • पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी , जांलधर पंजाब
  • स्कूल ऑफ़ बायो साइंसेज एंड बायो इंजीनियरिंग आईआईटी पवई मुंबई
  • आईआईटी कानपूर उत्तर प्रदेश
  • एमिटी यूनिवर्सिटी ,नोएडा उत्तर प्रदेश
  • इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी बनारस हिन्दू विश्वविधालय वाराणसी
  • जाधवपुर यूनिवर्सिटी , कोलकाता
  • बायोमेडिकल इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर उस्मानिया हैदराबाद
  • कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी बेलगाम
  • मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मणिपाल

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सेलरी Salary

अगर आप बायोमेडिकल इंजीनियरिंग Biomedical Engineering के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत करते हो तो शुरुआत में आपको बायोमेडिकल इंजीनियर के तौर पर 20-25 हजार रुपए प्रतिमाह तक आसानी से मिल जाते है।

लेकिन अगर आप रिसर्च एवं प्रशिक्षण संस्थान में अपने करियर की शुरुआत करते हो तो आपको 30-40 हजार रुपए प्रतिमाह तक मिल जाते हैं। प्राइवेट अस्पताल एवं क्लिनिक में बायोमेडिकल इंजीनियर को 25-35 हजार प्रतिमाह तथा सरकारी एजेंसियां में 20-25 हजार रुपए प्रतिमाह तक आसानी में मिल जाती है।

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लेख मे आपने क्या सीखा

दोस्तों इस लेख में हमने आपको पेरामेडिकल से जुड़े एक उभरते हुए करियर विकल्प बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी दी है।

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इस लेख में हमने आपको बताया है कि बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स क्या है Biomedical Engineering Course Kya Hai बायोमेडिकल इंजीनियर कैसे बने ? Biomedical Engineer Kaise Bane बायोमेडिकल इंजीनियरिंग कोर्स कैसे करे ? Biomedical Engineering course kaise kare बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में करियर कैसे बनाये ? Biomedical Engineering Me Career Kaise Banaye इत्यादि।

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अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी है, तो अपनी राय कमेंट बॉक्स में बता सकते है और इस जानकारी को दुसरो के साथ भी शेयर करे ताकि उन्हें भी मेडिकल से जुड़े इस महत्वपूर्ण करियर विकल्प के बारे में पता चल सके।

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