Career Options after 12th Science PCB Hindi : बारहवीं Science PCB से करने के बाद चुनें टॉप करियर विकल्प

career options after 12th science pcb hindi
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बारहवी की पढ़ाई Science PCB से करने वाले छात्रों का सपना बारहवी करने के बाद मेडिकल से जुड़े हुए क्षेत्र में करियर बनाने का होता हैं। लेकिन मार्केट में मेडिकल से जुड़े हुए अनेकों कोर्स आ रहे हैं। जिनमे से विधार्थी कोई एक कोर्स चुनकर अपना करियर बना सकते है।

अगर आप भी बारहवी की पढ़ाई Science PCB से कर रहें लेकिन आपको इस बात को लेकर कन्फ्यूजन हैं कि बारहवी के बाद कौन से कोर्स का चुनाव करें। तो इस लेख में हम आपकी इस समस्या को हल करने वाले हैं। इस लेख को पूरा पढ़ें। इस लेख मे हम आपको बताने वाले हैं कि बारहवी साइंस पीसीबी से करने के बाद टॉप करियर विकल्प ( Career Options after 12th Science PCB Hindi )

Career Options after 12th Science PCB Hindi

MBBSBachelor of Medicine and Bachelor of Surgery Course Hindi

अगर किसी छात्र ने अपनी बारहवी की पढ़ाई साइंस पीसीबी से है तो ऐसे छात्रों का सबसे बड़ा सपना एमबीबीएस डॉक्टर बनने का होता हैं। लेकिन ये अपना उन्ही छात्रों का पूरा होता हैं जो पढ़ाई में टॉपर होने के बाद नीट का एन्ट्रेंस एग्जाम पास करते हैं।

नीट के एंट्रेंस एग्जाम पास करने के वाले ऊपर के कुछ ही छात्रों को एमबीबीएस कोर्स में दाखिला मिलता हैं। इसलिए अगर कोई छात्र पढ़ाई में अच्छा है तभी इस कोर्स को करने की कोशिश करें।

इस कोर्स को करने वाले छात्रों को मेहनत , लग्न , पेशेनस के साथ लगभग पाँच से सात वर्ष की पढ़ाई पूरी करनी होती है तभी वे इस एमबीबीएस मे अपना सुनहरा करियर बना सकते हैं।

BAMS बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन ऐंड सर्जरी।

बीएएमएस कोर्स में विद्यार्थियों को आयुर्वेद और उससे उन्हे वाले इलाज के बारें में पढ़ाई करने का मौका मिलता हैं। जो भी विधार्थी आयुर्वेदिक डॉक्टर बनाना चाहता हैं। वे छात्र बारहवीं करने के बाद नीट एन्ट्रेंस एग्जाम क्वालिफ़ाई करके इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स की अवधि पाँच वर्ष की होती हैं।

BHMS (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन ऐंड सर्जरी )

इस कोर्स में छात्रों को होम्योपैथिक इलाज के बारें में पढ़ाया जाता हैं। जो भी छात्र होम्योपैथिक से जुड़े हुए विषयों में रुचि रखता हैं। ऐसे छात्र बारहवीं करने के बाद इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स की अवधि साढ़े पाँच वर्ष की होती हैं। कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों को बारहवीं में कम से कम 50 फीसदी अंक प्राप्त करने होंगे।

BUMS- बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन ऐंड सर्जरी

एमबीबीएस के बाद साइंस पीसीबी वाले छात्रों की सबसे ज्यादा डिमांड बीयूएमएस कोर्स की होती हैं। इस कोर्स में छात्रों को दुनिया के सबसे पुराने सिस्टम यूनानी मेडिसिन और यूनानी इलाज के बारे में शिक्षा दी जाती हैं।

अगर किसी छात्र को यूनानी इलाज में रुचि हैं तो वे बारहवी करने के बाद इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स की अवधि साढ़े पाँच वर्ष की होती हैं।

BDSBachelor of Dental Surgery Course Hindi

इस कोर्स में छात्रों को दांत मुह से जुड़े हुई बीमारियों के बारें मे शिक्षा दी जाती हैं। कोर्स को करने के इच्छुक विद्यार्थी बारहवीं करने के बाद इस कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। इस कोर्स की अवधि पांच वर्ष की होती हैं।

नर्सिंग Nursing Course Hindi

नर्सिंग कोर्स को ज़्यादतर लड़किया ही पसंद करती हैं। इस कोर्स को करने वाले छात्रों को हॉस्पिटल में डॉक्टर के साथ हेल्पर के तौर पर काम करना होता हैं।

इसके अलावा हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की देखभाल करनी होती हैं। इस कोर्स को करने की इच्छुक लड़किया बारहवी करने के बाद नर्सिंग कोर्स कर सकती हैं। इस कोर्स की अवधि तीन वर्ष की होती हैं।

रेडियोग्राफी Radiography Course Hindi

इस कोर्स में छात्रों को सीटी स्कैन, मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग, एंजियोग्राफी, पोसोट्रॉन इमिशन टोमोग्राफी, एक्स-रे, फ्लोरोस्कॉपी, अल्ट्रासाउंड इत्यादि टेस्टों के बारे में शिक्षा दी जाती हैं।

इस कोर्स को करने के छात्रों के पास सरकारी अस्पताल, प्राइवेट अस्पताल नर्सिंग होम, क्लीनिक, मिलिट्री सर्विस, शिक्षा संस्थानों और रिसर्च लेबोरेटरी में जॉब के अनेकों अवसर मौजूद हैं। इस कोर्स को करने के इच्छुक छात्र बारहवीं के बाद कोर्स में दाखिला ले सकते हैं। रेडियोग्राफी कोर्स चार वर्ष का डिग्री कोर्स हैं।

बीओटी कोर्स Bachelor of Occupational Therapy Course Hindi

बारहवीं साइंस पीसीबी से करने के बाद आप बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी (Bachelor of Occupational Therapy) यानी कि बीओटी कोर्स की तरफ भी देख सकते हैं। बीओटी कोर्स की अवधि 4.5 वर्ष हैं।

इस कोर्स में छात्रों को मानसिक, शारीरिक या विकलांग रोगी से जुड़ी हुई समस्याओ के समाधान कर बारें में सिखाया जाता हैं। इस कोर्स को करने के बाद छात्रों के पास जॉब की कमी नहीं होगी।

कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों को बारहवीं साइंस पीसीबी में कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ पास होना अनिवार्य हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी जॉब कर सकते हैं। जहां पर उन्हें अच्छा सैलरी पैकेज मिलता हैं।

बीएमएलटी कोर्स Bachelor of Medical Lab Technicians Course Hindi

ये मेडिकल लैबोरेट्री से जुड़ा हुआ कोर्स हैं। जिसे कोई भी छात्र बारहवीं करने के बाद कर सकते हैं। DMLT का पूरा नाम बैचलर ऑफ मेडिकल लैब टेक्नीशियन (Bachelor of medical lab technicians) होता हैं।

ये दो वर्ष का पैरामेडिकल कोर्स हैं। जिसे आज के समय में युवा काफी पसंद कर रहे हैं। ये कोर्स उन युवाओं के लिए बेहतर हैं। जिनके पास ज्यादा बजट नहीं हैं। वे कम समय में इस कोर्स को पूरा करके अच्छा करियर बनाना चाहते हैं।

इस कोर्स में साइंस पीसीएम और पीसीबी दोनों विषयों के छात्र दाखिला ले सकते हैं। कोर्स में दाखिला लेने के लिए छात्रों को बारहवीं की परीक्षा कम से कम 50 फीसदी अंकों के साथ पास करना अनिवार्य हैं।

कोर्स पूरा करने के बाद आप या तो किसी भी इंडस्ट्री की लेबोरेटरी में जॉब कर सकते हो अगर आपका बजट अच्छा हैं तो आप खुद की मेडिकल लैब खोल सकते हो।

डी. फार्मा/ बी. फार्मा ( D Pharma/ B Pharma ) Course Hindi

अगर आप मेडिसिन सेक्टर में जाना चाहते हैं तो आप बारहवी करने के बाद डिप्लोमा इन फार्मेसी ( डी. फार्मा ) , Bachelor of Pharmacy ( बी फार्मा ) कोर्स में दाखिला ले सकते हैं।

इस कोर्स की डिप्लोमा कोर्स की अवधि 2 वर्ष जबकि बैचलर कोर्स की अवधि चार वर्ष की होती हैं। इस फार्मेसी कोर्स में दवाइयों और मेडिसिन रिसर्च से संबंधित जैसे विषयों को पढ़ाया जाता हैं। छात्रों के लिए ये काफी अच्छा कोर्स हैं। वर्तमान समय में जो युवा मेडिकल स्टोर खोलने में रुचि रखते हैं। उन युवाओं की पसंद इस कोर्स में रहती हैं।

न्यूट्रिशन और डाइटिशियन Nutritionist Dietitian Course Hindi

दुनिया में अब अलग लग प्रकार के अनेकों खाने देखने को मिलते हैं। जिनका सेवन करने से मनुष्य में नई नई बीमारियां पैदा हो रही हैं। बढ़ती हुई बीमारियों को देखते हुए अब बहुत से लोग अपनी सेहत को लेकर काफी सिरियस रहते हैं। जिसके कारण वे डाइट का काफी ध्यान रखते हैं।

अच्छी डाइट बनाने के लिए लिए डाइटिशियन या न्यूट्रिशन की मदद ली जाती हैं। जिन युवाओं की रुचि हेल्थ फिटनेस में रहते हैं। ऐसे छात्र बारहवी के बाद फूड मेनेजमेंट से जुड़ा हुआ कोर्स करके अपना करियर बना सकते हैं। ये एक तेजी से उभरता हुआ करियर हैं।

इस सेक्टर में वर्तमान में अच्छे प्रोफेशनल्स की काफी डिमांड हैं। डाइटिशियन या न्यूट्रिशन कोर्स में आप डिप्लोमा कोर्स से लेकर मास्टर्स तक कर सकते हैं।

लेख में आपने क्या सीखा

इस लेख में हमने आपको साइंस स्ट्रीम पीसीबी से जुड़े हुए करियर विकल्प (Career Options after 12th Science PCB Hindi ) के बारें में जानकारी दी हैं। अगर आपने बारहवी की पढ़ाई Science PCB से की हैं तो आप इन करियर विकल्प में से कोई एक विकल्प चुनकर अपना करियर संवार सकते हैं।

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